मैं अभी बाकी हूं

मैं अभी बाकी हूं                           मैं अभी बाकी हूं,                            आलोचना जो कर रहे , कहानियां जो गढ़ रहे। …

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फुरसत के लम्हे

फ़ुरसत के लम्हे- मजा ज़िन्दगी का लिए जा रहे हैं, हस्ते मुस्कुराते जिए जा रहे हैं, फुरसत के लम्हे मिले जो हमे कुछ तो भरपूर मन से सुस्ता रहे हैं…

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मेरी प्रेरणा हो तुम

मेरी प्रेरणा हो तुम,
मेरी साधना हो तुम,
मेरे कर्मो का फल हो तुम,
मेरी हर मुश्किलों का हल हो तुम।

मै कागज़ हूं तो तुम उसकी कश्ती हो,
मै साहस हूं तो तुम मेरी शक्ति हो,
मै मिट्टी हूं तो तुम कुम्हार हो,
मै पोधा हूं तो तुम मल्हार हो।

मेरी प्रेरणा हो तुम,
मेरी साधना हो तुम,
ज्ञान का अक्षयपात्र हो तुम,
एक विद्यार्थी का जीवन शास्त्र हो तुम।

तुमने दिया मेरे सपनों को बढ़ावा,
तुम हो मेरे जीवन में ज्ञान का चड़ावा,
तुमने दिया मुझे रोशनी का गगन,
करूं मैं तुम्हे सदैव नमन। (more…)

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